📜 के बारे में: श्री राम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या
भगवान राम की जन्मभूमि — 500 वर्षों की आस्था का साकार स्वप्न
कुछ स्थान केवल भूगोल नहीं होते। वे इतिहास, आस्था और पूरी सभ्यता की आत्मा होते हैं। पावन सरयू नदी के तट पर बसी अयोध्या ऐसी ही एक नगरी है। और इसके हृदय में स्थित है वह पुण्यभूमि, जहाँ त्रेता युग में एक दिन सूर्योदय कुछ अलग था। जिस दिन भगवान श्री राम का जन्म हुआ।
22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न की और राम लला अपने घर लौटे। उस दिन करोड़ों हिन्दुओं की आँखें नम थीं और होंठों पर था "जय श्री राम।"
वास्तुकला — नागर शैली का अद्भुत मंदिर
यह मंदिर पारंपरिक नागर शैली में निर्मित है। 161 फीट ऊँचा, 380 फीट लम्बा और 250 फीट चौड़ा यह तीन मंजिला मंदिर राजस्थान के बाँसी पहाड़पुर के गुलाबी बलुआ पत्थर और मकराना संगमरमर से बना है। इसमें कहीं भी लोहा या स्टील नहीं है। केवल शिलाखंड और 10,000 ताँबे की पट्टियाँ इसे जोड़े रखती हैं, जो इसे 2,500 वर्षों तक अटल रखेंगी।
राम लला की दिव्य प्रतिमा
गर्भगृह में विराजित राम लला का विग्रह पाँच वर्षीय बालक राम के स्वरूप में है। मैसूरु के शिल्पकार अरुण योगीराज ने कर्नाटक की 3 अरब वर्ष प्राचीन कृष्ण शिला से इसे उकेरा है। 51 इंच की यह प्रतिमा बनारसी वस्त्रों में सजी है, पीली धोती और लाल अंगवस्त्रम् में। राम नवमी को दोपहर ठीक 12 बजे दर्पण प्रणाली से सूर्य की किरणें सीधे राम लला के मस्तक पर पड़ती हैं। यह नजारा जीवन में एक बार देखने वाला है।
500 वर्षों की यात्रा
1528 में मुगल बादशाह बाबर ने इस स्थान पर बाबरी मस्जिद का निर्माण कराया। दशकों के कानूनी संघर्ष के बाद 2019 में सर्वोच्च न्यायालय ने यह भूमि हिन्दुओं को सौंपी। 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री मोदी ने भूमिपूजन किया और अंततः 22 जनवरी 2024 को यह भव्य मंदिर राष्ट्र को समर्पित हुआ। अगले दिन 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने राम लला के पहले दर्शन किये।
सरयू घाट का अनुभव
राम जन्मभूमि की यात्रा सरयू घाट के दर्शन के बिना अधूरी है। राम की पैड़ी पर शाम की आरती एक ऐसा अनुभव है जो शब्दों में नहीं समाता। नदी दीपों की रोशनी में नहाती है, हवा में शंख और मंत्र गूँजते हैं, और कुछ पलों के लिए दुनिया की हर चिंता थम जाती है।
🗿 Temple Murti / Statue
Darshan & Aarti Timings
🚪 Darshan Timings
🪔 Aarti Schedule
Shringar Aarti: 6:15 AM (entry pass required)
Bhog Aarti: 12:00 Noon
Sandhya Aarti: 7:30 PM
Shayan Aarti: 9:30 PM (entry pass required)
⭐ Best Time to Visit
⚠️ Timings may change on festivals, special occasions, or during temple renovation. Please verify with the temple before visiting.
Visitor Information
🗺️ Location & How to Reach
Maharishi Valmiki International Airport, Ayodhya, 15 to 20 km (flights from Delhi, Mumbai, Lucknow, Ahmedabad)
Ayodhya Dham Junction, 1 km from the temple (well-connected to Delhi, Varanasi, Lucknow, Kolkata)
Ayodhya Bus Stand, 2 km
🧭 Detailed Directions
By Train: Ayodhya Dham Junction is just 1 km from the temple and the most convenient way to arrive. Trains connect from Delhi (Anand Vihar, New Delhi), Lucknow, Varanasi, Gorakhpur, and all major cities. Special Astha Express pilgrimage trains also operate during peak seasons.
By Road: Ayodhya is 135 km from Lucknow (NH-27, about 2.5 hours), 700 km from Delhi (about 10 hours), and 200 km from Varanasi (about 4 hours). UPSRTC state buses and private coaches connect all major cities in Uttar Pradesh.
Local Transport: Private vehicles are restricted near the temple in the Yellow Zone. E-rickshaws (Rs. 30 to 50) ferry devotees from Ayodhya Dham Junction and security barriers to the temple entry. Be ready to walk about 1 km from the checkpoint to the sanctum. Wear comfortable slip-on footwear.